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हडà¥à¤¡à¥€ टूटने पर शरीर में कौन-कौन से होतें हैं बदलाव, जानकारी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है जरूरी ?
हडà¥à¤¡à¥€ टूटने पर शरीर में कौन-कौन से होतें हैं बदलाव।
इंसान का शरीर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर ही आधारित है। अगर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ आती है तो इंसान की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ पर असर पड़ जता है। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के कई कारण होते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ गिरने की वजह से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ टूटती हैं या कोई दूरà¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ होने पर à¤à¤¸à¤¾ होता है। कà¥à¤› लोगों कि हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इतनी कमजोर होती हैं की सामानà¥à¤¯ तौर पर गिरने पर à¤à¥€ टूट जाती हैं। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ टूटना बहà¥à¤¤ कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• à¤à¥€ हो सकता है। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टूटने के बाद की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ असर पड़ता है इंसान पर हम उस पर बात करेंगें। हडà¥à¤¡à¥€ टूटने के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन बदलावों के बारे में हर इंसान को जागृत रहना चाहिà¤à¥¤ अगर आपको इन बदलाओं के बारे में जानकारी होने से आप कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ से बच सकते हैं। तो देर किस बात की आइठजानते हैं बदलावों के बारे में।
हडà¥à¤¡à¥€ बनती कैसे है ?
कà¥à¤¯à¤¾ आपने सोचा है कि जब हडà¥à¤¡à¥€ टूट जाती है तो उसे जोड़ने के लिठदूसरी हडà¥à¤¡à¥€ कैसे बनती हैं। आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि यह जानकारी सिरà¥à¤« आपके काम आयेगी यह जानकारी आपके किसी जानने वाले के लिये à¤à¥€ जरूरी हो सकती है। हडà¥à¤¡à¥€ टूटने के बाद शरीर के अंदर बदलाव आता है जिसे कैलस टूटना कहा जाता है। कोई à¤à¥€ हडà¥à¤¡à¥€ टूटती है उसके बनने में 3-4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लगता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हडà¥à¤¡à¥€ के आकार और मोटाई पर निरà¥à¤à¤° करता है।
सूजन
इसके बारे में शायद आप परिचित हों लेकिन यह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है ये नहीं पता होगा। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होता है शरीर का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® जो शरीर को किसी à¤à¥€ खतरे से बचाने के लिठकाम करता है। हडà¥à¤¡à¥€ टूटने के बाद सूजन तब तक रहता है जब तक उसके बनने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ नहीं हो जाती है। हडà¥à¤¡à¥€ को जोड़ने के लिठशरीर टिशू, बोनमैरो और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤® सेलà¥à¤¸ को फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° वाली जगह à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तब तक चलती है जब तक हडà¥à¤¡à¥€ जà¥à¤¡à¤¼ नहीं जाती है।
हीमेटोमा और रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जब टूटती हैं तो उनके आसपास खून का थकà¥à¤•ा जमा हो जाता है इसका कारण है शरीर उसे ठीक करने के लिठà¤à¤¸à¤¾ करता है। यह तब तक रहता है जब हड़ियों का ठीक होने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। यह à¤à¤• तरह से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का काम करता है। इसके साथ ही à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¥€ होती है हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टूटने वाली जगह पर रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¥€ टूटती हैं जो फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° को ठीक करने के लिठà¤à¤•तà¥à¤° होती हैं।
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